Cyber Crime

एटीएम कार्ड के ज़रिए ठगी

Arti Singh Tanwar

दोस्तों! कैशलेस इकोनॉमी के दौर में प्रायः सभी लोग एटीएम का प्रयोग करते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि ग्राहकों के एटीएम कार्ड की क्लोनिंग के ज़रिए कैसे ये साइबर ठग लोगों को चूना लगा रहे हैं और साथ ही यह भी बताएंगे कि इस तरह की जालसाज़ी से कैसे बचा जाए। जैसा कि आप सभी जानते होंगे कि आजकल एटीएम कार्ड क्लोनिंग के ज़रिए ये साइबर क्रिमिनल्स लोगों का अकाउंट साफ कर रहे हैं। ये अपराधी एटीएम कार्ड और डेबिट कार्ड की क्लोनिंग के लिए एटीएम मशीन में पहले से ही स्कीमर फिट कर देते हैं। जैसे ही हम कार्ड स्वाइप करते हैं, कार्ड की सारी डिटेल्स इस मशीन में कॉपी हो जाती है। इसके बाद ये ठग आपकी सारी डिटेल कंप्यूटर या अन्य तरीकों के जरिए खाली कार्ड में डाल कर कार्ड क्लोन तैयार कर लेते हैं। फिर ये अपराधी दूसरे एटीएम में जाकर उस कार्ड क्लोन के ज़रिए आपके अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं। इस प्रकार ये जालसाज़ लोगों को लाखों रुपए का चूना लगा चुके हैं। अब हम आपको बताने जा रहे हैं कि ये क्रिमिनल्स इस अपराध को कैसे अंजाम देते हैं- 1) सबसे पहले ये एटीएम मशीनों में स्कीमर फिट कर देते हैं। पैड पर मैट के तरीके का एक उपकरण लगा देते हैं। 2) स्वाइप के स्थान पर एक कॉपी मशीन तथा पासवर्ड को देखने के लिए एक बटन जैसा कैमरा लगा दिया जाता है। इस प्रकार इस मशीन में जितने भी एटीएम स्वाइप होते हैं, उन सभी का डाटा इनके पास इकट्ठा हो जाता है और ये ठग एटीएम कार्ड को क्लोन के रूप में तब्दील कर वारदात को अंजाम देते हैं। इन घटनाओं को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने समय-समय पर बैंकों के साथ ही सामान्य जन के लिए भी हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। अब हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि एटीएम का इस्तेमाल करते समय आप क्या सावधानी रखें और यदि आपके साथ इस तरह का कोई फ्रॉड हो जाता है तो आपको क्या करना चाहिए- 1) सबसे पहले यदि आप एटीएम के ज़रिए पैसा निकालने गए हैं तो ध्यान दें कि कार्ड डालने वाली स्लॉट के पास लाइट जल रही है अथवा नहीं, यदि लाइट नहीं जल रही है तो अपना कार्ड न डालें। 2) पासवर्ड डालते समय कीपैड को अपने हाथों से ढक लें ताकि यदि कोई हिडेन कैमरा लगा हो तो वह आपका पासवर्ड न देख सके। 3) यदि आपको कीपैड जरा भी ढीला लगे तो आप उसका इस्तेमाल न करें। दोस्तों! यदि आपके साथ इस तरह का कोई स्कैम हो भी जाता है तो इसकी सूचना तुरंत कार्ड जारी करने वाले बैंक को दें तथा पुलिस में इसकी एफ. आई. आर. दर्ज़ कराएं। आरबीआई (रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया) के निर्देशानुसार, “यदि इस तरह के लेनदेन में किसी तीसरे पक्ष का हाथ है तो ग्राहक को इसके लिए कुछ भी खर्च नहीं करना है।” याद रखें कि यदि आप स्कैम के शिकार हुए हैं तो 3 दिन के भीतर इसकी जानकारी कार्ड जारी करने वाले बैंक को लिखित रूप से दर्ज कराएं। इस पर बैंक कार्रवाई करेगा और 90 दिनों के भीतर आपके अकाउंट में पैसा वापस आ जाएगा। परंतु जब तक बैंक की जाँच पूरी नहीं होती आप इस रकम को खर्च नहीं कर सकते। दोस्तों! सतर्कता और सावधानी ऐसे उपकरण हैं जिनका प्रयोग कर हम अपना और साथ ही पुलिस व प्रशासन को भी सहयोग प्रदान कर सकते हैं।

KBC लॉटरी के नाम पर हो रही धोखाधड़ी, जानिए कैसे रहे सावधान!

KBC Lottery Fraud

कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के नाम पर ठगी होना कोई नई बात नही हैं। अक्सर साइबर अपराधी लोगो को ठगने के लिए ऐसे पैंतरे अपनाते हैं। और कई लोग इनके झांसे में आ भी जाते है। लेकिन आप चाहे तो ऐसे ठगों और ठगी के शिकार होने से बच सकते है। हम इस वीडियो/ब्लॉग में इन सभी बिंदुओं पर बात करेंगे। WhatsApp Message क्या है? साइबर क्रिमिनल कैसे करते है ठगी सावधानियां WhatsApp Message क्या है? ऐसे मैसेज में फ्राउडस्टर यूजर के नाम की लॉटरी निकलने की बात करता है। इसके मुताबिक “आपके नाम की 25 लाख रूपए की लॉटरी लगी है। आपका नंबर Jio, Airtel, Vodafone, Idea और BSNL के 5000 मोबाइल नंबर में से चुना गया हैं। और इस लॉटरी के पैसे को पाने के लिए आपको कॉल करना होगा”।  इस तरह के मैसेज आपके फोन में आता है। साइबर ठग कैसे करते हैं ठगी ? KBC Lottery Fraud में Fraudster Victims को अनजान नंबर से व्हाट्सएप मैसेज करते हैं। गौर करने वाली बात यह है की उनमें से ज्यादातर नंबर +92 से शुरू होता है जो एक पाकिस्तान ISD Code हैं। वो ये दावा करते है आपने कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के थ्रू आपने 25 लाख रुपए जीते है। और अगर जीती हुई प्राइज मनी आपको चाहिए तो उस मैसेज में दिए हुए नंबर से कॉन्टैक्ट करें। लेकिन, जब Victim पैसे क्लेम करने के लिए उस दिए गए नंबर पर कॉल या मैसेज करता हैं, तब  Fraudster उनसे Processing Fee, GST आदि के नाम पर पैसे मांगते हैं। साथ ही यह भी कहते है ये पैसे रिफंडेबल हैं और इसका भुगतान करना आवश्यक हैं। जब एक बार वो पैसे डिपॉजिट कर देते है तब उनसे दुबारा किसी और बहाने से पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं। ये सिलसिला  काफी दिनों और कभी कभी कई हफ़्तों तक चलता हैं। लेकिन, जैसे ही विक्टिम पैसे लेने की जिद्द करता हैं फ्राउडेस्टर उनका फोन उठाना बंद कर देते हैं। साथ में उस नंबर को ही ब्लॉक कर देते है। पुलिस रिपोर्ट की माने तो इन फ्रॉड को बढ़ावा देने में कही न कही आमजन का भी उतना ही हाथ है जितना की आरोपी का। क्योंकि लोग लालच में आकर ऐसे लिंक और मैसेज पर क्लिक करते हैं। इसीलिए आप सभी से अपील है की लालच में ना आए और सावधान रहें। सावधानियां लॉटरी या प्राइज जीतने जैसे मैसेज और कॉल ज्यादातर Fake होते हैं। इस तरह के मैसेज में Grammatical Error होते हैं। इस तरह के लालच में ना आए, Fraudster आपके लालच का फायदा उठाते है। किसी भी Genuine लॉटरी जीतने के बाद उसमें टैक्स की कटौती के बाद ही आपको प्राइज मनी का अमाउंट मिलता है। किसी भी लॉटरी या प्राइज के लिए पैसे देने की जरूरत नही पड़ती। अगर आपसे लॉटरी की बात छिपाने को कहा जाए तो सतर्क हो जाए। फाइनल थॉट इस वीडियो/ब्लॉग में आपने जाना की लॉटरी के नाम पर फ्राउडस्टर कैसे कर रहे है ठगी। और आप इनसे कैसे बच सकते है। इस वीडियो को अधिक से अधिक लाइक और शेयर करें। ताकि आप और आपके आस पास के लोग सतर्क और सुरक्षित रहें। जय हिंद

अगर आप भी कर रहे हैं गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च, तो हो जाए सावधान !

Google Search

हम अक्सर कस्टमर केयर नंबर या किसी ऐप या कोई भी जानकारी प्राप्त करने के लिए गूगल पर सर्च करते हैं। आप भी ऐसा करते है? अगर हां, तो अब आपको सावधान होने की जरूरत है। कही ऐसा ना हो की वो सर्च में दिखने वाला नंबर जालसाजों का हो और आपका बैंक बैलेंस उड़ जाए। आज के इस विडियो/ब्लॉग में हम इन पॉइंट्स पर बातें करेगें- लोन ऐप क्या है लोन ऐप के नाम पर साइबर फ्रॉड कैसे करते हैं ठगी लोन ऐप से जुड़ी जानकारी कहां से प्राप्त करें लोन देने वाली ऐप Fake हैं या नहीं कैसे पता करें सावधानियां लोन ऐप क्या हैं? जैसा की नाम से ही आप समझ सकते है, लोन ऐप ऐसे ऐप को कहते है जिसके जरिए आपको लोन मिल सकता है। यहां आपको पर्सनल, एजुकेशनल से लेकर सभी प्रकार के लोन मिल जाते हैं। लेकिन, इसके दुष्प्रभाव भी उतने ही हैं। अगर आप लोन ऐप के ज़रिए लोन लेना और फ्राउडस्टर्स से बचे रहना चाहते हैं तो इस वीडियो/ब्लॉग को पूरा देखे/पढ़े। और जाने कि राम बहादुर जी कैसे हुए साइबर ठगी के शिकार मीडिया रिपोर्ट की माने तो नोएडा के रामबहादुर जी के साथ लोन ऐप की जानकारी निकालने को लेकर फ्रॉड हुआ है। दरअसल, उन्हे एक लोन ऐप से संबंधित कस्टमर केयर नंबर और लोन ऐप को एक्टिवेट करने के विषय में जानकारी चाहिए थी। इसलिए उन्होंने गूगल पर सर्च किया। सर्च में कुछ नंबर दिखे और उन्हे लगा की ये नंबर कस्टमर केयर का नंबर हैं। लेकिन, सर्च में जो नंबर दिख रहा था वो किसी कस्टमर केयर का न होकर जालसाजों का था। जब उन्होंने इस नंबर से कॉल किया तो जालसाजो ने लोन ऐप एक्टिवेट करने के नाम पर एनी डेस्क नामक एक रिमोट ऐप डाउनलोड करवाया और उनके मोबाइल को हैक कर लिया। रामबहादुर जी को इस बात का पता तब चला जब उनके अकाउंट से पंद्रह हजार रुपए निकलने का एसएमएस आया। रामबहादुर जी ने इसकी शिकायत कोतवाली सेक्टर-126 पुलिस स्टेशन में की। पुलिस आरोपी की छानबीन में जुटी हैं। लोन ऐप से जुड़ी जानकारीयां कहां से प्राप्त करें लोन ऐप से जुड़ी जानकारियां आप उसके ऑफिशियल वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। लोन देने वाली ऐप Fake हैं या नहीं कैसे पता करें नीचे बताएं गए बिन्दुओं से आप जान पाएंगे की जिस ऐप से आप लोन ले रहे है वो असली है या नकली। किसी भी लोन ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी रेटिंग, रिव्यू एक बार अच्छे से पढ़ ले। ये सारी जानकारी आपको ऐप स्टोर पर मिल जाएगी। लोन ऐप को किस कंपनी ने डेवलप किया है और कौन सी कंपनी चला रही हैं, भारत में उसका दफ्तर कहां है, दफ्तर का पता, कॉन्टैक्ट डिटेल्स इत्यादि इन सभी जानकारी को एक बार चेक कर ले। अगर किसी ऐप की ये जानकारी आपको नही मिलती तो थोड़ा सावधान रहें। अगर संभव हो तो उस ऐप से दूरी बनाएं। सबसे पहले ये चेक करें की उस ऐप से कोई ऐप जुड़ा है भी या नहीं। गूगल पॉलिसी के मुताबिक किसी भी लोन ऐप के साथ कोई न कोई नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी जुड़ी होनी चाहिए। अगर ऐसा नही है तो इससे सावधान होने की ज़रूरत हैं। एक अच्छा ऐप वही होता हैं जो यूजर्स से उसकी जानकारी कम से कम मांगे। क्योंकि फर्जी ऐप यूजर से ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त करने की सोचते हैं ताकि उनसे ठगी कर सके। असली ऐप अपने यूजर को लोन देने से पहले अपने बारे में सारी जानकारी देता हैं। साथ ही आपको यह पता होना चाहिए की ऐप कभी भी लोन नहीं देता बल्कि वो एक मध्यम बनता है बैंक और यूजर के बीच का। चलिए अब हम जानते है की इस तरह के साइबर फ्रॉड के कैसे बच सकते हैं। सावधानियां   अनजान नंबर से आए कॉल का भरोसा न करें अपने खाते और निजी जानकारी न दे कस्टमर केयर का नंबर उस कंपनी के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ढूंढे कोई भी ऐप किसी दूसरे के कहने पर इंस्टॉल ना करे गूगल सर्च में दिखने वाले नंबर पर विश्वास न करे फाइनल थॉट इस वीडियो/ब्लॉग में आपने जाना की जब आप गूगल में दिखने वाले रैंडम नंबर को कस्टमर केयर नंबर समझ कर कॉल या उनसे मदद लेने की कोशिश करते हैं तो आपके साथ धोखाधड़ी कैसे हो सकती है। और आप इनसे कैसे बच सकते है। इस वीडियो को अधिक से अधिक लाइक और शेयर करें। ताकि आप और आपके आस पास के लोग सतर्क और सुरक्षित रहें। जय हिंदी

पटना में बैठकर अमेरिका के लोगों से की ठगी, आइए जानें कैसे मालवेयर App डाउनलोड करवा खाते को कर देते थे साफ

Cyber Security

पटना में कॉल सेंटर खोलकर साइबर अपराधी अमेरिका के लोगों से ठगी कर रहे थे। पुलिस में अपनी जांच में यह बताया की ये अंतरराष्ट्रीय गैंग के साइबर ठग अमेरिका के लोगों के कम्प्यूटर में मालवेयर और रैंसमवेयर सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवा देते थे। और फिर उसी रैंसमवेयर सॉफ्टवेयर को ठीक करने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। आज के इस विडियो/ब्लॉग में हम आपको ये जरूरी जानकारी बताएंगे कॉल सेंटर क्या है? मैलवेयर सॉफ्टवेयर क्या होता है? साइबर फ्रॉड कैसे करते है ठगी Fake कॉल को कैसे पहचानें सावधानियां कॉल सेंटर क्या होता है? कॉल सेंटर एक कार्यालय है जो एक कंपनी के द्वारा स्थापित की जाती है और उनके ग्राहकों के सवालों का जवाब दिया जाता है। मैलवेयर सॉफ्टवेयर क्या होता है? मैलवेयर एक प्रकार का सॉफ्टवेयर है जिसे किसी डेस्कटॉप या उस सिस्टम में इंस्टॉल किया जाता है जिसे नुकसान पहुंचाना हैं। मैलवेयर आपकी निजी जानकारी जैसे क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड नंबर को भी चुरा सकता हैं। साइबर अपराधी ऐसे कर रहे थे ठगी पटना के साइबर ठगों ने अमेरिका के लोगो से डॉलर में ठगी की हैं। आरोपी पहले तो अंतराष्ट्रीय लोगों से उनके सिस्टम में मैलवेयर सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाते थे और फिर उसे ठीक करने के नाम पर उनसे ठगी किया करते थे। पश्चिम बंगाल के निवासी दानिश अर्शद, और सब्बीर अहमद और मेटफाक स्ट्रीट के निवासी आमिर सिद्दिकी को पश्चिम बंगाल के दीघा थाने की पुलिस ने पकड़ा हैं। पूछताछ में यह बात पता चली है की तीनों ने कोलकाता के ही एक कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई थी। बाद में अच्छे दोस्त बने और साइबर क्राइम के साथी बन गए। पुलिस ने आगे बताया की आमिर के पिता कोलकाता में एक व्यवसायी हैं। जब पुलिस ने छापेमारी की तो इनके पास से करीब 10.5० लाख नकद रुपये मिले। सिटी एसपी सेंट्रल अम्बीश राहुल ने बताते हुए कहा कि ये हर रोज चार से पांच लोगों के साथ ठगी करते थे। आइए अब जानते है की आप इन फ्रॉड कॉल्स को कैसे पहचान सकते हैं। फ्रॉड कॉल्स को कैसे पहचाने ? बैंक कभी अपने ग्राहक के निजी जानकारी नहीं मांगता जैसे की एटीएम कार्ड डिटेल्स, पासवर्ड इत्यादि क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की वैलिडिटी को लेकर कॉल आए और आपके बैंक डिटेल्स मांगे तो समझ जाए, ये ठग है लोन अप्रूवल का कॉल आए जबकि आपने कोई लोन अप्लाई नहीं किया तो समझ जाए ये फ्रॉड है और अगर किया भी हो तो पहले लोन देने वालों से संपर्क करें। लॉटरी को लेकर कॉल आए तो कभी विश्वास न करें अगर सिम कार्ड को अपग्रेड कराने की बात करे और बैंक डिटेल्स मांगे तो कॉल डिस्कनेक्ट कर दे. ऐसे फ्रॉड से बचने के लिए सावधानियां अगर कोई आपके बैंक डिटेल्स मांगे तो न दे अगर आप इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते है तो ट्रांजेक्शन उसके ऑफिशियल वेबसाइट पर ही करे अगर किसी ईमेल या एसएमएस में कोई दूसरे वेबसाइट पर क्लिक करने बोले तो कभी ना करे साइबर कैफे में उपलब्ध शेयर सिस्टम पर इंटरनेट बैंकिंग की हिम्मत नही करे किसी को भी अपनी पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड इत्यादि न दे। कस्टमर केयर का नंबर कभी भी गूगल पर सर्च न करे। इसकी सुविधा उठाने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। लॉटरी जीतने का मैसेज आए तो दिए गए लिंक पर क्लिक ना करे। अपने फोन, लैपटॉप आदि को हमेशा अपडेट करते रहे। फाइनल थॉट ये थी कॉल सेंटर से जुड़ी जरूरी सावधानियां जिसे अगर आप ध्यान में रखते हैं तो साइबर फ्रॉड से बचा भी जा सकता हैं और अपने आस पास के लोगों को भी बचाया जा सकता हैं।

Sextortion क्या है? Sextortion से कैसे बचे?

Sextortion Case

Sextortion साइबर क्रिमिनल्स ने लोगो को ठगने का नया तरीका इजात किया है और वो है सेक्सटोर्शन, यानी की ऑनलाइन सेक्सुअल ब्लैकमेलिंग। आज जितनी तेजी से टेक्नोलॉजी ग्रो कर रही है उतनी ही तेजी से साइबर क्रिमिनल्स भी लोगो को ठगने का तरीका निकालते जा रहे है। इस बारे में कई लोग आज भी अनजान है क्योंकि जिनके साथ ऐसा हुआ नही वो अपना काम छोड़ कर इसे समझने या जानने में वक्त बर्बाद नही करना चाहते। और यही बात साइबर अपराधियों के लिए रामबाण का काम करती है। अगर आप भी उन लोगो में से एक है तो इस आर्टिकल (Sextortion – Online Cyber Blackmailing) को अच्छी तरह जान ले और समझ ले ताकि आपके साथ या आपके चाहने वालो के साथ ऐसा ना हो। और आप बिल्कुल सुरक्षित रहे। तो चलिए समझते है sextortion और उससे जुड़ी सावधानियों को। Sextortion के आंकड़े क्या कहते है? Cyber Crime Investigation Officer राहुल यादव जी कहते है की हमारे देश में हर दिन लगभग 500 लोग sextortion जैसे साइबर क्राइम का शिकार होते है। लेकिन, उनमें से 0.5% से कम लोग इसके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करवाते है। इस आंकड़े की वजह से भारत “Sextortion Capital of World” बनता जा रहा है। Sextortion के खिलाफ एफआईआर दर्ज ना कराने या किसी से इस बारे में शेयर ना करने की सबसे बड़ी वजह है शर्मिंदगी। Case Study on Sextortion ऐसा ही एक केस दिल्ली पुलिस ने रजिस्टर्ड किया था, जो दिल्ली सरकार के रिटायर्ड ऑफिसर थे और उनकी उम्र 76 साल थी। उन्होंने पुलिस को बताते हुए कहा की, एक दिन उनके पास अनजान नंबर से व्हाट्सएप के माध्यम से वीडियो कॉल आता है। और जैसे ही उन्होंने कॉल रिसीव किया एक लड़की जो न्यूड थी वो आ जाती है और अश्लील हरकतें करने लगती है। उनके कॉल कट करने के थोड़ी ही देर बाद एक कॉल आता है और उनसे 50 हजार रुपयों की डिमांड करता है। साथ ही धमकाया भी जाता है की अगर उन्होंने ऐसा नही किया तो उनका यह वीडियो उनके सारे कॉन्टैक्ट्स (Contacts) में सरकुलेट (दे दिया जाएगा) कर दिया जाएगा। यह सिलसिला दो तीन दिनों तक चलता रहा, पर उनकी (रिटायर्ड ऑफिसर) की हिम्मत नही हुई की वो FIR दर्ज करवाए। फिर इन सब में उनके एक दोस्त ने मदद की और FIR दर्ज करवाया गया। साथ ही उस साइबर अपराधी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। ये सिर्फ एक मामला नही है, सेक्सटोर्शन के शिकार मुंबई के शिव सेना के MLA भी हो चुके है और उस साइबर क्रिमिनल मोहम्मद खान को राजस्थान से अरेस्ट कर लिया गया था। यह वारदात नवंबर 2021 का ही है। इसी की तरह राजस्थान के मिनिस्टर राम लाल जाट और बीजेपी MP प्रज्ञा ठाकुर भी हो भी चुके है। साइबर एक्सपर्ट की माने तो ये क्रिमिनल्स रिकॉर्डेड न्यूड वीडियो का इस्तेमाल करते है और लोगो को अपनी ठगी का शिकार बनाते है। Sextortion से कैसे बचे? आप चाहे तो इन बातो को ध्यान में रखने पर Sextortion से बच सकते है। वो बिंदु कुछ इस प्रकार है:- सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्ति से दोस्ती या बातचीत ना करे। अनजान वीडियो कॉल आए तो सावधान हो जाए। अगर गलती से अनजान वीडियो कॉल रिसीव हो जाए या कर लिया तो screen को सामने ना रखे। आप ऐसा भी कर सकते है की जब भी अनजान व्यक्ति का कॉल आए तो आप अपना अंगूठा कैमरे के ऊपर रख कर फोन पिक करे। अगर आप Sextortion के शिकार होते है तो इससे डरने या घबराने की जरूरत नही है, अपने नजदीकी पुलिस ठाणे में एफआईआर दर्ज करवाए और अपने जानने वालों को जागरूक करे। इसीलिए इस ब्लॉग पोस्ट को शेयर करना ना भूले। फाइनल थॉट तो ये थी Sextortion और उससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें जो आपको हर हाल में पता होना चाहिए। ताकि आप खुद भी सतर्क रहे और दूसरो को रखे। आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमे कॉमेंट सेक्शन में बताना ना भूलें। इसी तरह के आर्टिकल पढ़ने और जानने के लिए हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब करना ना भूलें। अगर आपको हमारा कंटेंट पसंद आता है तो इसे अपने जानने वालों के साथ शेयर करे ताकि उन्हें भी इसको जानकारी हो।